SUSH

Add friend
Sign in to Goodreads to learn more about SUSH.


Loading...
“मुझे पढ़कर अब इन लोगो को मुझसे हमदर्दी होती है,
मोहब्बत तुमसे की है हमने हम पर कुछ तो तरस खाया करो ।।”
Nikhil Kaithwar

“कुछ तो कमी है खुदा में भी "कुनाल",
इतने लोगो की दुआओ में बस मेरी एक रह गई ”
Nikhil Kaithwar

“मोहब्बत है तुमसे बना ले मुझे अपना”
Nikhil Kaithwar

“लोग पूछते है मुझसे हाल मेरा
मैं क्या बताऊं मैं उदास रहता हूं,
और ज्यादा कुछ नहीं बस उसकी आस में रहता हूं ।।”
Nikhil Kaithwar

“अब तमन्ना नहीं रही मोहब्बत की,
तुम्हारे बिन अब दिल नहीं लगता ।।
रात की बात क्या करे हम ,
हमारा तो दिन में भी दिल नहीं लगता ।।”
Nikhil Kaithwar

year in books

SUSH hasn't connected with their friends on Goodreads, yet.





Polls voted on by SUSH

Lists liked by SUSH