Anumeha
https://www.goodreads.com/goodreadscomanumeha
In my village, in the arms of my mother, I use to cry like baby. If I don’t come first in my class, I cry. If Dada talk angry to Shilpa, I cry. If village children tease Mithai the elephant, I cry. When Ma get sick and I have to leaf my
...more
“परिवर्तन समय बदल गया है अब लड़कियां भी मन की कर सकती हैं जो चाहे खेल सकती हैं जो चाहे पढ़ सकती हैं जो चाहे पहन सकती हैं बल्कि नौकरी तक कर सकती हैं पर झाड़ू, पोछा, बर्तन और रसोई के बाद।”
― वर्जिन: काव्य संग्रह
― वर्जिन: काव्य संग्रह
“जब भी हम मिलते लगता कि हम दोनों के लिए सब कुछ कितना नया है। हम दोनों कॉफ़ी पर बहुत देर तक अपने क़िस्से सुनते-सुनाते रहे। कुछ ही देर में हम दोनों के पास से किताबों-सी ख़ुशबू आने लगी थी।”
― Tumhare Baare Mein
― Tumhare Baare Mein
“मुझे उनके घर की घंटी बजाते ही दिखना बंद हो गया था। कुछ देर में विनोद कुमार शुक्ल मेरे सामने खड़े थे। वह जाँघिया और फटी हुई बनियान में थे। मुझे लगा कि ये वह नहीं हैं। यह उनके उपन्यास का कोई पात्र है। मुझे सिर्फ़ उनके पैर दिखे और बिना देरी किए मैं नतमस्तक था। वह झेंप गए, “आप लोग बैठिए, मैं कुछ पहनकर आता हूँ।” हम भीतर बहुत ही सादे-से कमरे में जाकर बैठ गए। पूरे कमरे में सिर्फ़ एक मुक्तिबोध की तस्वीर लगी थी। मुझे याद है जब मैंने विनोद जी को फ़ोन किया था, उनकी आवाज़ सुनते ही मैं काँपने लगा था। ज़बरदस्ती के अँग्रेज़ी शब्द मुँह से निकलने लगे। कुछ देर की हड़बड़ाहट के बाद मैंने उन्हें ‘आई लव यू’ कहा और फ़ोन काट दिया था। अभी उनके कमरे में बैठे हुए, मैं अपनी”
― Tumhare Baare Mein
― Tumhare Baare Mein
“क्या तुमने कभी देखा है ख़ुद को पढ़ते हुए?
मैंने उस दृश्य को लिखा है तुम्हारे लिए…”
― Tumhare Baare Mein
मैंने उस दृश्य को लिखा है तुम्हारे लिए…”
― Tumhare Baare Mein
Anumeha’s 2025 Year in Books
Take a look at Anumeha’s Year in Books, including some fun facts about their reading.
Anumeha hasn't connected with her friends on Goodreads, yet.
Polls voted on by Anumeha
Lists liked by Anumeha









