Anumeha
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Bolstered by her smile, he grinned and said, ‘Absolutely. I didn’t marry you because I wanted a cook!’
“शाबाश है बेटी, तेरी शाबाश ! बनवारी की ओर से तो बड़ी सुरखरू हूँ । धन्य है तेरी माँ जन्मनेवाली जिसने तुम्हें जन्म दे इस घर के लिए ऐसा धर्म कमाया”
― मित्रो मरजानी
― मित्रो मरजानी
“परिवर्तन समय बदल गया है अब लड़कियां भी मन की कर सकती हैं जो चाहे खेल सकती हैं जो चाहे पढ़ सकती हैं जो चाहे पहन सकती हैं बल्कि नौकरी तक कर सकती हैं पर झाड़ू, पोछा, बर्तन और रसोई के बाद।”
― वर्जिन: काव्य संग्रह
― वर्जिन: काव्य संग्रह
“बहुत बोलने से चुप कितना कुछ कहता है! हम एक जगह चुनते हैं, जहाँ बैठे रहने का सुख”
― Tumhare Baare Mein
― Tumhare Baare Mein
“जब भी हम मिलते लगता कि हम दोनों के लिए सब कुछ कितना नया है। हम दोनों कॉफ़ी पर बहुत देर तक अपने क़िस्से सुनते-सुनाते रहे। कुछ ही देर में हम दोनों के पास से किताबों-सी ख़ुशबू आने लगी थी।”
― Tumhare Baare Mein
― Tumhare Baare Mein
Anumeha’s 2025 Year in Books
Take a look at Anumeha’s Year in Books, including some fun facts about their reading.
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