Anumeha

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Missing Sam
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The Ex-Wives Club
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by Sally Hepworth (Goodreads Author)
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Don't Answer the ...
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by Miranda Rijks (Goodreads Author)
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See all 4 books that Anumeha is reading…
Book cover for बकर पुराण
इसमें एक्सपेक्टेशन नहीं रखना है, काहे कि श्री शेक्सपीयर ने भी ‘आल इज़ वेल दैट एन्ड्स वेल’ में कहा है, “ऑफ़्ट एक्सपेक्टेशन फ़ेल्स, ऐंड मोस्ट ऑफ़्ट देयर, व्हेयर मोस्ट इट प्रॉमिसेस।” और ग़ालिब क्या कहते हैं? ग़ालिब कहते हैं: “ख़त लिखेंगे गर्चे मतलब ...more
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Manav Kaul
“मुझे उनके घर की घंटी बजाते ही दिखना बंद हो गया था। कुछ देर में विनोद कुमार शुक्ल मेरे सामने खड़े थे। वह जाँघिया और फटी हुई बनियान में थे। मुझे लगा कि ये वह नहीं हैं। यह उनके उपन्यास का कोई पात्र है। मुझे सिर्फ़ उनके पैर दिखे और बिना देरी किए मैं नतमस्तक था। वह झेंप गए, “आप लोग बैठिए, मैं कुछ पहनकर आता हूँ।” हम भीतर बहुत ही सादे-से कमरे में जाकर बैठ गए। पूरे कमरे में सिर्फ़ एक मुक्तिबोध की तस्वीर लगी थी। मुझे याद है जब मैंने विनोद जी को फ़ोन किया था, उनकी आवाज़ सुनते ही मैं काँपने लगा था। ज़बरदस्ती के अँग्रेज़ी शब्द मुँह से निकलने लगे। कुछ देर की हड़बड़ाहट के बाद मैंने उन्हें ‘आई लव यू’ कहा और फ़ोन काट दिया था। अभी उनके कमरे में बैठे हुए, मैं अपनी”
Manav Kaul, Tumhare Baare Mein

कृष्णा सोबती
“शाबाश है बेटी, तेरी शाबाश ! बनवारी की ओर से तो बड़ी सुरखरू हूँ । धन्य है तेरी माँ जन्मनेवाली जिसने तुम्हें जन्म दे इस घर के लिए ऐसा धर्म कमाया”
Krishna Sobti, मित्रो मरजानी

Jalal ad-Din Muhammad ar-Rumi
“Lovers don't finally meet somewhere. They're in each other all along.”
Mawlana Jalal-al-Din Rumi

Manav Kaul
“जब भी हम मिलते लगता कि हम दोनों के लिए सब कुछ कितना नया है। हम दोनों कॉफ़ी पर बहुत देर तक अपने क़िस्से सुनते-सुनाते रहे। कुछ ही देर में हम दोनों के पास से किताबों-सी ख़ुशबू आने लगी थी।”
Manav Kaul, Tumhare Baare Mein

“परिवर्तन समय बदल गया है अब लड़कियां भी मन की कर सकती हैं जो चाहे खेल सकती हैं जो चाहे पढ़ सकती हैं जो चाहे पहन सकती हैं बल्कि नौकरी तक कर सकती हैं पर झाड़ू, पोछा, बर्तन और रसोई के बाद।”
Lalit Kumar Mishra, वर्जिन: काव्य संग्रह

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