Status Updates From कनुप्रिया/ Kanupriya

कनुप्रिया/ Kanupriya कनुप्रिया/ Kanupriya
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Tabassum
Tabassum is on page 38
अक्सर जब तुमने
माला गूंथने के लिये
कँटीले झाड़ों में चढ़-चढ़ कर मेरे लिये
श्वेत रतनारे करौंदे तोड़़कर
मेरे आँचल में डाल दिये हैं
तो मैंने अत्यन्त सहज प्रीति से
गर्दन झटका कर
वेणी झुलाते हुए कहा है
‘कनु ही मेरा एकमात्र अन्तरंग सखा है!’
Jul 28, 2026 11:04AM Add a comment
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