विकास 'अंजान'’s Reviews > जीवन का रंगमंच > Status Update
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विकास’s Previous Updates
विकास 'अंजान'
is on page 300 of 328
सर्वाधिक उपयुक्त ही जीवित रहता है। किसी समय पर आप चाहे कितने ही ऊँचे स्तर पर क्यों न पहुँचे हों, अपने अच्छे दिनों में चाहे आप कितने ही बड़े अभिनेता क्यों न रहे हों, यह उद्द्योग किसी का पक्षपात नहीं करता। ..यदि आपकी आवश्यकता नहीं है तो आपकी आवश्यकता नहीं है। आप इसके लिए चाहे कितना कठोर प्रयास भी क्यों न कर लें परन्तु यदि आपकी आवश्यकता है तो वे आपको आपकी कब्र अब भी निकाल लाएँगे और आपसे काम करवायेंगे।
— Feb 27, 2017 08:54AM
विकास 'अंजान'
is on page 206 of 328
इस फिल्म को करते हुए मैं जान पाया कि फिल्मों में दिलीप साहब का जिस स्तर का अभिनय देखने को मिलता है, उस स्तर तक पहुँचने में वे अपना समय लेते हैं। उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए वे जितना अभ्यास करते, उतना ही उनके प्रति प्रशंसा का भाव बढ़ जाता और मैं सोचता कि मुझे कितना कठोर परिश्रम करना पड़ेगा।
— Feb 23, 2017 09:56PM
विकास 'अंजान'
is on page 159 of 328
दुर्भाग्य से फिल्मों में अभिनय करते हुए स्थितियाँ भिन्न होती हैं। पूरी पटकथा के आभाव में आपको केवल निर्देशक के मार्गदर्शन में चलना होता है। इसलिए फिल्म नाटक की भाँती कलाकार की फिल्म नहीं होती अपितु निर्देशक की होती है। आपने चाहे कितना भी बढ़िया अभिनय क्यों न किया हो, फिल्म के समस्त पक्ष उसी के नियंत्रण में होते हैं।
— Feb 16, 2017 06:09PM
विकास 'अंजान'
is on page 137 of 328
मुझे याद है कि मुझे अपने चरित्र की अपेक्षाओं के अनुसार महँगे सिगार पीने के लिए दिए गये। एक दृश्य में धुआँ मेरे सिर में चला गया। मैं घबरा गया और मेरे संवाद भी गड़बड़ा गये। मुझे लगभग 25 रिटेक देने पड़े। यह बहुत अपमानजनक था और उस रात मैं अपने बिस्तर में रोया था।
— Feb 15, 2017 10:49AM
विकास 'अंजान'
is on page 113 of 328
पहला अंक समाप्त। इसमें उनके बचपन और थिएटर का उनके जीवन में क्या असर था उसके विषय में बात की गयी है। रोचक और ज्ञान वर्धक।
फिल्मों के विषय में द्वितीय अंक में है।
— Feb 01, 2017 10:46AM
फिल्मों के विषय में द्वितीय अंक में है।

