विकास 'अंजान'’s Reviews > सत्यजित राय की कहानियां > Status Update
विकास 'अंजान'
is on page 124 of 192
बारीन भौमिक की बीमारी 5/5
मज़ा आ गया। कहानी पढ़ते हुए ही ध्यान आया कि कहानी को मैं जानता हूँ। शायद अंग्रेजी में स्कूल में इस कहानी को पढ़ा था। इतने सालों बाद दुबारा पढ़ा तो आनन्द आ गया क्योंकि सौभाग्यवश मैं अंत थोड़ा भूल गया था।
अब अगली कहानी :
सियार देवता का रहस्य
— Feb 03, 2017 09:55PM
मज़ा आ गया। कहानी पढ़ते हुए ही ध्यान आया कि कहानी को मैं जानता हूँ। शायद अंग्रेजी में स्कूल में इस कहानी को पढ़ा था। इतने सालों बाद दुबारा पढ़ा तो आनन्द आ गया क्योंकि सौभाग्यवश मैं अंत थोड़ा भूल गया था।
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सियार देवता का रहस्य
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विकास 'अंजान'
is on page 174 of 192
समाद्दार की चाबी 5/5
फेलुदा की एक और रोमांचक कहानी।
अगली कहानी :
घुरघुटिया की घटना
ये कहानी इस संग्रह की आखिरी कहानी होगी। इसे कल पढूँगा।
— Feb 06, 2017 06:11AM
फेलुदा की एक और रोमांचक कहानी।
अगली कहानी :
घुरघुटिया की घटना
ये कहानी इस संग्रह की आखिरी कहानी होगी। इसे कल पढूँगा।
विकास 'अंजान'
is on page 148 of 192
सियार देवता का रहस्य 4/5
आखिर फेलूदा को मिलने का मौका लग ही गया।
अगली कहानी भी फेलुदा की ही है:
समाद्दार की चाबी
देखते हैं इसमें फेलूदा को किनसे दो चार हाथ करने पड़ते हैं।
— Feb 04, 2017 11:07PM
आखिर फेलूदा को मिलने का मौका लग ही गया।
अगली कहानी भी फेलुदा की ही है:
समाद्दार की चाबी
देखते हैं इसमें फेलूदा को किनसे दो चार हाथ करने पड़ते हैं।
विकास 'अंजान'
is on page 110 of 192
झक्की बाबू 4.5/5
कहानी साइकोमेट्री के इर्द गिर्द बुनी है। पढ़कर मज़ा आया।रहस्य और रोमांच भी भरपूर है।
अगली कहानी :
बारीन भौमिक की बीमारी
— Feb 02, 2017 05:34PM
कहानी साइकोमेट्री के इर्द गिर्द बुनी है। पढ़कर मज़ा आया।रहस्य और रोमांच भी भरपूर है।
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बारीन भौमिक की बीमारी
विकास 'अंजान'
is on page 87 of 192
रतन बाबू और वह आदमी 5/5(weird ending. पढने के बाद कन्फ्यूज्ड हूँ.)
अगली कहानी :
भक्त
— Jan 31, 2017 05:57PM
अगली कहानी :
भक्त
विकास 'अंजान'
is on page 72 of 192
खगम 4/5
साँप की भाषा साँप की
सिसकारी
फिस-फिस फिस!
बालकिशन का विषम विष
फिस-फिस फिस!
अगली कहानी :
रतन बाबू और वह आदमी
— Jan 30, 2017 05:31PM
साँप की भाषा साँप की
सिसकारी
फिस-फिस फिस!
बालकिशन का विषम विष
फिस-फिस फिस!
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रतन बाबू और वह आदमी
विकास 'अंजान'
is on page 57 of 192
सदानन्द की छोटी दुनिया 3/5
इस दुनिया में जाना एक बहुत ही दिचस्प अनुभव था।
अगली कहानी:
खगम
— Jan 27, 2017 05:34AM
इस दुनिया में जाना एक बहुत ही दिचस्प अनुभव था।
अगली कहानी:
खगम
विकास 'अंजान'
is on page 45 of 192
ब्राउन साहब की कोठी 4/5(हॉरर मिस्ट्री)
अगली कहानी:
सदानंद की छोटी दुनिया
— Jan 27, 2017 01:42AM
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सदानंद की छोटी दुनिया
विकास 'अंजान'
is on page 34 of 192
पहली बरसात के बाद भीगी मिट्टी से जो सोंधी गंध आती है उसकी और पुराने पुस्तकों के पृष्ठों की गंध - इन दोनों का कोई मुकाबला नहीं। अगरू, कस्तूरी, गुलाब, हुस्नहिना- यहाँ तक कि फ्रांस की श्रेष्ठ से श्रेष्ठ परफ्यूमरी के सुवास को इन दोनों के सामने हार माननी पड़ेगी।
— Jan 27, 2017 12:18AM

