Pratik’s Reviews > एक गधे की आत्मकथा [Ek Gadhe Ki Atmakatha] > Status Update

Pratik
Pratik is reading
बेहतरीन सोच वाली किताब है जिसमें समाज के कई बुरे पहलुओं पर कटाक्ष किया गया है। हरिशंकर परसाई की लेखनी से मिलती जुलती। बोलने वाले गधों को तो सुनते हैं पर ऐसा बोलने वाला गधा कम ही मिलता है। अवश्य पढ़ें।
Mar 06, 2017 10:55PM
एक गधे की आत्मकथा [Ek Gadhe Ki Atmakatha]

flag

No comments have been added yet.