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विकास 'अंजान'
विकास 'अंजान' is on page 85 of 176
अब तक कि दो कहानियाँ बेहतारीन थी। अब आखिरी कहानी रिवाल्वर बाकी है। देखते हैं ये कैसी होगी?
May 01, 2015 01:53AM
इश्क़फ़रेब / Ishqfareb


विकास 'अंजान'
विकास 'अंजान' is starting
चन्दन पाण्डेय जी का कहानी संग्रह इश्क़फरेब पढ़ना शुरू किया है। किताब पेंगुइन से प्रकाशित की गयी है। किताब को खोलते ही लगता है कि इसके साथ कितना अन्याय हुआ है। कागज़ की गुणवत्ता निम्न स्तर की है। पहले जब किताब मिली तो लगा कि अमेज़न वालों ने पायरेटेड कॉपी थमा दी लेकिन फिर रेविएव्स में जाना उन्होंने ऐसे ही कागज़ का उपयोग किया है। यही हाल सुधा मूर्ती जी के उपन्यास महाश्वेता का था। वो भी पेंगुइन द्वारा ही प्रकाशित थी।
Apr 28, 2015 08:58PM
इश्क़फ़रेब / Ishqfareb


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