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Anveshak
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बिल्डिंगें लोग नहीं हैं जो कहीं भाग सकें
रोज़ इन्सानों का सैलाब बढ़ा जाता है
— Dec 21, 2023 03:45AM
रोज़ इन्सानों का सैलाब बढ़ा जाता है
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Anveshak
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जिंदगी तू मुझे पहचान न पाई लेकिन
लोग कहते हैं कि मैं तेरा नुमाइंदा हूँ
वाकई इस तरह मैंने कभी सोचा ही नहीं
कौन है अपना यहाँ किस के लिए जिन्दा हूँ.
— Dec 28, 2023 10:43PM
लोग कहते हैं कि मैं तेरा नुमाइंदा हूँ
वाकई इस तरह मैंने कभी सोचा ही नहीं
कौन है अपना यहाँ किस के लिए जिन्दा हूँ.

