तुम्हारी क्षय Quotes
तुम्हारी क्षय
by
Rahul Sankrityayan24 ratings, 4.21 average rating, 7 reviews
तुम्हारी क्षय Quotes
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“असल बात तो यह है कि मज़हब तो सिखाता है आपस में बैर रखना। भाई को है सिखाता भाई का खून पीना। हिन्दुस्तानियों की एकता मज़हब के मेल पर नहीं होगी, बल्कि मज़हबों की चिता पर। कौव्वे को धोकर हंस नहीं बनाया जा सकता। कमली धोकर रंग नहीं चढ़ाया जा सकता। मज़हबों की बीमारी स्वाभाविक है। उसकी मौत को छोड़कर इलाज नहीं।”
― तुम्हारी क्षय
― तुम्हारी क्षय
