गुप्त धन Quotes
गुप्त धन
by
Munshi Premchand214 ratings, 4.10 average rating, 4 reviews
गुप्त धन Quotes
Showing 1-6 of 6
“माँ को अपनी औलाद ईमान से भी ज्यादा प्यारी होती है और उसका रुष्ट होना उचित था मगर इन धमकियों के क्या माने?”
― गुप्त धन
― गुप्त धन
“जिस तरह दानशीलता मनुष्य के दुर्गुणों को छिपा लेती है उसी तरह कृपणता उसके सद्गुणों पर पर्दा डाल देती है।”
― गुप्त धन
― गुप्त धन
