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“जिंदगी आदमी को दौड़ने के लिए कई रास्ते देती है, जरूरी नहीं है कि सब एक ही रास्ते दौड़ें। जरूरत है कि कोई एक रास्ता चुन लो और उस ट्रैक पर दौड़ पड़ो। रुको नहीं...दौड़ते रहो। क्या पता तुम किस दौड़ के डार्क हॉर्स साबित हो जाओ।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“अक्सर ज्यादातर आदमी अपनी जवानी के दौर में समाजवादी, नारीवादी या मार्क्सवादी में से कुछ-न-कुछ जरूर होता है और एक दौर के बाद वो निश्चित रूप से इनमें से कुछ भी नहीं होता है। सिर्फ कमाता-खाता आदमी होता है।”
― Aughad
― Aughad
“इस देश ने जितना माक्र्स को पढ़ा, समझा और अपने में गूँथा-ठूँसा, उतना अगर गाँधीजी को पढ़ा-समझा होता तो शायद पीढ़ियों का सबक कुछ और होता।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“भाग्य तो बस कच्चा माल है। कर्म ही उसे पकाने वाला ईंधन है। मान लो तुम्हारे घर में चावल है लेकिन अगर उसे चूल्हे पर चढ़ा बनाया नहीं तो बोरी में रखे-रखे चावल में एक दिन घुन लग जाएगा। भाग्य वही चावल है, अगर कर्म का चूल्हा जला के न बनाओ तो कितना भी भाग्य हो, उसमें घुन लग जाएगा।”
― Aughad
― Aughad
“नशा है आईएएस की तैयारी। जब तक उम्र और अटेम्प्ट है, एक बार आया लड़का ये दोनों गँवाए बिना मुखर्जी नगर से शायद ही वापस जाता था।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“अभी कुछ महीने पहले आईएएस बनने के बाद जब आसपास का पूरा गाँव उसे देखने आया था, उससे उसने जो देवत्व पाया था वो यहाँ इतने देवताओं के बीच गुम हो गया था।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“पुरातन विश्वविद्यालयीय अध्ययन परिपाटी का पारंपरिक छात्र था जो या तो संयोग से आईएएस बनता है, या फिर कुछ नहीं बनता है। आज के समय जब देश में आयोजित किसी भी क्षेत्र की प्रतियोगिता परीक्षा में विज्ञान, तकनीकी, गणित और अँग्रेजी का महत्व बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाने लगा था ऐसे में इन विश्वविद्यालय से इतिहास, राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र जैसे विषयों को लेकर पढ़े छात्रों की डिग्रियाँ बस शादी के कार्ड में जिक्र करने के काम आती थीं, अन्यत्र कहीं नहीं,”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“संतोष ने अगले ही पल मेज पर रखी स्याही की बोतल उठाई और अपने हथेली पर गिराकर उसे पोत लिया। उसने अपनी पुरानी भाग्य की रेखाएँ मिटा दी थीं। अब उसका हाथ सपाट था, कोई रेखा नहीं। उसने कसम खा ली, इस पर फिर से अपना भाग्य लिखेगा। उसने तभी तय कर लिया कि चाहे पापा पैसे भेजें या न भेजें पर घर वापस नहीं जाएगा अभी। वह रायसाहब के रास्ते नहीं चलेगा। उसने तय कर लिया था, वह अपने रास्ते दौड़ेगा, छोड़कर भागेगा नहीं।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“हाँ, सेवकराम जी! कल से तीन दिन दैनिक भास्कर की जगह ‘द हिन्दू’ डाल देना मेरे यहाँ”। “जी ठीक है, कोई आया है का घर से सर?” अखबार वाले सेवकराम ने उधर से कहा। “हाँ, वही समझो।” मनोहर ने निर्लज्जता से कहा और फोन काट दिया।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“कोई भी कह सकता था कि बुढ़ापा आदमी का अंतिम बचपन है।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“उत्साह बढ़ाने में गाय और बैल का कोई फर्क नहीं करते थे। वे बैल को भी यह आशा बँधवा देते थे कि ‘तुम एक दिन दूध दोगे, बस अच्छे से चारा-बेसन खाओ’ और फिर इनके दिए नोट्स का चारा खा-खाकर कई इस उम्मीद में कई विषय के साँड़ तो हो गए लेकिन सफलता का दूध नहीं निकला”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“गुरुराज सिंह झारखंड के संत कोलंबस कॉलेज का छात्र रहा था। कुछ समय राँची में भी सिविल की तैयारी के लिए रहा। अपनी पहली मुख्य परीक्षा उसने वहीं रहते दी थी। पाँच साल से दिल्ली में था। पिता सरकारी नौकरी में थे। गुरुराज अपने आप में कई विरोधाभासों का मिश्रण था। दुनिया दाएँ चले तो वह बाएँ चलता था। आईएएस की तैयारी के लिहाज से वह उतना पढ़ चुका था जितने की जरूरत नहीं थी। दुनिया को अपनी दृष्टि से देखता था और बिना हिचक अपनी बात कह भी देता था। कुछ लोग उसे अक्खड़ और दंभी कहते थे, पर मूलत: वह साहसी था। मुखर्जी नगर के बौद्धिक वर्ग के लिए वह एक बिगड़ैल आदमी था। बौद्धिकता की गंभीरता और तार्किकता पर बड़ी निर्ममता से व्यंग्य करता था। ‘बुद्धिजीवी वर्ग’ इस शब्द को वह एक गंभीर फूहड़पन कहता था। दारू और किताब उसके दो प्रिय साथी थे। काम भर का धार्मिक भी था और ज्योतिष का इल्म भी पा रखा था उसने। अब तक आईएएस में असफल था। पिता दशरथ सिंह उसे अपने जीवन की सबसे बड़ी समस्या कहते थे पर गुरुराज के लिए उसके पिता ही उसके जीवन दर्शन के गुरु थे। गुरुराज ने अपने जीवन के कई साल झारखंड के आदिवासियों के बीच गुजारे थे और उनके प्रति उसकी संवेदना कभी-कभार उसके विचारों में छलककर दिख ही जाती थी। कुछ लोगों का कहना था कि वह कभी नक्सली संपर्क में भी रहा था। यद्यपि उसके सर पर कुछ पुलिस केस भी थे जिसे वह अपने छात्र जीवन के दौरान कई सामाजिक संगठनों से जुड़े होने के कारण राजनीतिक षड्यंत्र का नतीजा बताता था। कुल-मिलाकर उसे देखकर कहा जा सकता था कि वह संभावनाओं से भरा एक निराश और बेचैन आदमी था।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“बिदेशिया, छठ के गीत, विवाह संस्कार के गीत, धोबिया, डोमकच, जंतसार, कजरी, चैती, चैता, फगुआ, होली सब सुनाता था और सब पर अच्छी जानकारी भी रखता था।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“पढ़कर मर गए साला पर पीटी नहीं हुआ।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“भाषा तो सब जरूरी है, अँग्रेजी व्यापार की भाषा है, उर्दू प्यार की भाषा है और हिंदी व्यवहार की भाषा है”।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“मैंने कहा कि ये दिन मेरे जीवन का सबसे निर्णायक दिन है। जितना पढ़ा और सीखा है उन सबको प्रस्तुत करने के लिए आपको मेरे लिए सबसे उपयुक्त और सहज माध्यम उपलब्ध कराना चाहिए न कि किसी विशेष माध्यम से ही खुद को पेश करने के लिए दबाव बनाना चाहिए। आज तो मुझे मेरी अभिव्यक्ति का सबसे अनुकूल माध्यम चाहिए न, क्योंकि आप तो मुझे मेरे ज्ञान और व्यक्तित्व से परखेंगे, न कि किसी खास भाषा को बोल लेने भर की क्षमता से परखेंगे। इतना सुनकर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम नेता बनोगे, वही क्षेत्र ठीक रहेगा, वही बन जाओ। आईएएस वाली बात नहीं है तुममें। तुम बाहर जा सकते हो। और मैं बाहर आ गया।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“बस घड़ी और साँस, फिलहाल यही दोनों लगातार चल रही हैं।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“तय नहीं कर पा रहा था कि वह क्या महसूस करे, गुदगुदी या कंपन। वह इन दोनों का भेद नहीं समझ पा रहा था।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“एक मैसेज से जवाब देता था गुरु। पूरी दुनिया के आगे शब्दों से परमाणु बम पटक देने वाला गुरु बरसों से अपने पिता के आगे चुप था। बोलकर भला क्या साबित कर सकता था! उसे कुछ करके साबित करना था। रास्ते में कोचिंग लेकर वापिस आता संतोष मिल गया। “आपका रिजल्ट का क्या हुआ गुरु भाई?” संतोष ने देखते पूछा। “वही जो देवदास का पारो के घर हुआ था, एकदम दरवाजे पर जा के दम तोड़ दिए हम भी, हाहाहा साला यूपीएससी” कहकर गुरु खूब हँसा।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“वे एक ऐसी बारात के मुखिया थे जो बिना अपने बेटे और बहू के वापस घर लौट रही थी।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“ये कोई ऐसी जगह होगी जहाँ लड़के रात-दिन कमरे में बंद बस पढ़ते होंगे। हर आदमी गंभीर होगा। लोग केवल किताब खाते और स्याही पीते होंगे। उन्हें लगता था कि हर आदमी शंकराचार्य की तरह सर मुड़ाए होगा या रवींद्रनाथ टैगोर की तरह दाढ़ी बढ़ाए होगा। यहाँ के शिक्षक गुरु द्रोण की भांति तेज से भरे होंगे। हर छात्र एक अर्जुन होगा और सब मछली की आँख फोड़ने के प्रयास में लगे होंगे। कुछ ऐसी ही कल्पनाओं से भरा होता था यहाँ आने वाले हर अभिभावक का मन।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“पहली बार सुरा में ज्ञान को इस कदर डूबे देखा था। शराब की पाकसाई पर इतनी सार्थक चर्चा सुनने का पहला मौका था उसके लिए। उसका मन कर रहा था हाथ में चुल्लू भर शराब ले और आचमन कर ले।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
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“कोई आदमी हजार किलोमीटर अपने घर से दूर यहाँ दिल्ली आता है कि यहाँ रह के तैयारी करेगा, अच्छा मार्गदर्शन पाएगा, विषयों को पढ़ाने वाले विशेषज्ञों से पढ़ेगा, सफल लोगों का अनुभव लेगा, ऐसे में दिल्ली आया कैसे कोचिंग नहीं लेगा भई! उसके तो आने का प्रयोजन ही कोचिंग लेना था।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
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“का सरकार, चार करोड़ देने वाले की बेटी नहीं देखी जाती। अरे ऊ हमारी भी बेटी है।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“माँ के मुँह से निकला था, “पता नहीं दफन होने को दो गज भी जमीन बचेगी कि नहीं, पर तू मत हारना जावेद, अब्बा का सपना पूरा करना। ये जमीन जाने दे। तुझे तो आसमान जीतना है।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“का करिएगा विरंची जी, बहुत ऊँचा चला गया बेटा हमरा, हमसे छुआता ही नहीं है अब। हम भी उसके साथ-साथ तनी ऊँचा हो गए हैं, सो ऊँचाई का दु:ख का लौकेगा अब नीचे वाले को। सब कहता है भोलानाथ को अब का दु:ख?” भोलानाथ यादव शून्य में देखते बोले जा रहे थे। “अरे आप भी फालतू टेंशनियाए हैं। एतना बड़ा घर में शादी किया। बहू भी आईएएस मिली और का चाहिए!” विरंची पांडे बोले। “हाँ विरंची जी पर एक बात बोलें, बड़ा घर में तो किया पर नेताजी के यहाँ करता न, नेता जनता से भी निभा देता है, हम तऽ फिर भी कलेक्टर के बाप थे” बोल के भोलानाथ यादव खैनी रटाने लगे।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“दोनों के बीच प्रेम सावन में दूब की तरह बड़ी तेजी से उग आया था।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“अरे ई तो आज तक हुआ ही नहीं कि कोई मुखर्जी नगर आए और इतना भाग्यशाली हो कि बिना पैसा लुटाए, बिना कोचिंग में फँसे सलेक्ट होकर चला जाए। यहाँ एलियन भी आएगा न तो उसको भी पहले कोचिंग में एडमिशन लेना होगा।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
“यह बहुत भावुक क्षण था। मुखर्जी नगर आए लड़कों का बिना अपने सपने लिए बस अपने लाए सामान के साथ बेरंग लौटना सबसे ज्यादा कठिन समय होता है। “खैर, बहुत कुछ सीखे यहाँ और ये भी जाने हैं कि टैलेंट ही सब कुछ नहीं है भाग्य में भी होना चाहिए तभिये होगा।”
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)
― Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)




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