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“मुझे शुरू से कार ड्राइव करने वाली और गाली देने वाली लड़कियाँ बहुत पसंद थीं। ऐसा लगता था कि कम-से-कम ये तो कुछ भी सहती नहीं होंगी सब अपनी मर्जी से करती होंगी”
― Terms and Conditions Apply
― Terms and Conditions Apply
“गलतियाँ सुधारनी जरुर चाहिए लेकिन मिटानी नहीं चाहिए। गलतियाँ वो पगडंडियाँ होती है जो बताती रहती हैं कि हमने शुरू कहाँ से किया था।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“एक उम्र होती है जब क्लास की खिड़की से बाहर आसमान दूर कहीं जमीन से मिल रहा होता है और हमें लगता है कि शाम को खेलते-खेलते हम ये दूरी हम तय कर लेंगे। दूरी तय करते-करते जिस दिन हमें पता चलता है कि ये दूरी तय नहीं हो सकती, उसी दिन हम बड़े हो जाते हैं”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“हिंदुस्तान के कई छोटे बड़े शहरों में माँ का सबसे बड़ा सपना यही होता है कि उसके बच्चे आपस में हमेशा फर्राटेदार इंग्लिश में बात करें खासकर के पड़ोस वाली आंटी जी के घर आने पर”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“जिनको कभी-कभी गुस्सा आता है उनको जब गुस्सा आता है तो वो कंट्रोल नहीं कर पाते। इसलिए थोड़ा-थोड़ा गुस्सा करते रहना चाहिए, रिश्तों और जिंदगी चलाते रहने के लिए अच्छा रहता है।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“ये वैसे ही जैसे आप किसी की ईमानदारी की तारीफ करिए तो लोग विश्वास नहीं करते लेकिन अगर किसी के character को लेकर कितना भी झूठा किस्सा अपने मन से बना के सुना दीजिये तो लोग तुरंत मान जाते हैं ,कोई सवाल नहीं पूछता”
― Terms and Conditions Apply
― Terms and Conditions Apply
“कोई लड़की या लड़का अगर पूछे कि क्यों मिलना है और सामने वाला अगर उसका बिलकुल ठीक-ठीक जवाब दे दे तो उससे कभी नहीं मिलना चाहिए। अगर कोई बोले कि ‘मिलकर देखते हैं’, उससे जरूर मिलना चाहिए। मिलकर देखने में एक उम्मीद है कुछ ढूँढ़ने की, थोड़ा रस्ता भटकने की, थोड़ा सुस्ताने की। उम्मीद इस बात की भी कि नाउम्मीदी मिले लेकिन इतना सोच-समझकर चले भी तो क्या खाक चले!”
― अक्टूबर जंक्शन
― अक्टूबर जंक्शन
“हम सुबह ऑफिस के लिए निकलते हैं तो हमें मालूम होता है कि ये हमारी मंजिल नहीं है, हम रोज सही पते पर पहुँचकर भी भटके हुए होते हैं। च”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“इंजीनियरिंग कॉलेज में अगर कोई लड़का नोट्स बनाता है तो उसको सच्चा इंजीनियर नहीं बोला जा सकता। कभी-कभी लगता है अगर कॉलेज में लड़कियाँ ना होतीं तो कभी किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज में कोई नोट्स बन ही ना पाता। जैसा हर लड़की के साथ होता है, जैसे-जैसे वो करीब आती है उसकी टोका-टाकी बढ़ जाती है। एक दिन ऐसा भी आता है जब हॉस्टल जाने से पहले वो bye के साथ take care भी बोलने लगती है। सुबह breakfast के लिए उठाने लगती है। पेपर में पहले से ही नोट्स की एक फोटोकॉपी बना के रखती है। ये सभी प्यार/फ्रेंडशिप जैसी चीज के symptom हुआ करते थे, हुआ करते हैं। प्यार लड़के की तरफ से और फ्रेंडशिप लड़की कि तरफ से।”
― Terms and Conditions Apply
― Terms and Conditions Apply
“हमारी दो ज़िन्दगियां होती हैं. एक जो हम हर दिन जीते हैं, दूसरी जो हम हर दिन जीना चाहते हैं.”
― October Junction (Preview Edition)
― October Junction (Preview Edition)
“एक बार ये भी लगा कि उस दिन कोई बात अधूरी रह गई। असल में बातें हमेशा अधूरी ही रहती हैं। ऐसा तो कभी होता ही नहीं कि हम बोल पाएँ कि मेरी उससे जिंदगी भर की सारी बातें पूरी हो गईं। हम सभी अपने-अपने हिस्से की अधूरी बातों के साथ ही एक दिन यूँ ही मर जाएँगे।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“लाइफ को लेकर प्लान बड़े नहीं, सिम्पल होने चाहिए। प्लान बहुत बड़े हो जाएँ तो लाइफ के लिए ही जगह नहीं बचती।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“जिंदगी की कोई भी शुरुआत हिचकिचाहट से ही होती है। बहुत थोड़ा-सा घबराना इसीलिए जरूरी होता है क्यूँकि अगर थोड़ी भी घबराहट नहीं है तो या तो वो काम जरूरी नहीं है या फिर वो काम करने लायक ही नहीं है। ह”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“समंदर जितना बेचैन होता है हम उसके पास पहुँचकर उतना ही शांत हो जाते हैं। यही ज़िन्दगी का हाल है - पूरा बेचैन हुए बिना जैसे शांति मिल ही नहीं सकती।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“सब कुछ मिल जाने से कुछ भी नहीं मिलता। हम जिस कहानी का हिस्सा हैं उसे शायद कोई लेखक कभी मिले ही नहीं। यही शायद इस दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैजिडी है कि हमारी कहानी सुनाने वाला कोई होगा ही नहीं। कोई कभी जान ही नहीं पाएगा कि हमारे मन में आखिर था क्या। हम थे कौन ये सवाल हमारे साथ ही चला जाएगा। कुछ लोग बोल देंगे कि बड़े अच्छे आदमी थे या बड़ी अच्छी औरत थी, बस। बस सबकी कहानी इतनी ही है।”
― अक्टूबर जंक्शन
― अक्टूबर जंक्शन
“जैसा कि अमूमन सुना जाता रहा है कि प्यार आपको शक्ति देता है उसका मतलब केवल इतना होता है कि प्यार आपको शक्ति तभी दे सकता है जबकि आपके पास पहले से शक्ति हो।”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“थोड़ा-सा पागल हुए बिना इस दुनिया को झेला नहीं जा सकता।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“कई बार थोड़ी देर के लिए चले जाना बहुत देर के लिए लौट आने की तैयारी के लिए बहुत जरूरी होता है।”
― अक्टूबर जंक्शन
― अक्टूबर जंक्शन
“हमारी दो जिंदगियां होती हैं
एक जो हम हर दिन जी रहे हैं
दूसरी जो हम हर दिन जीना चाहते हैं”
― October Junction (Preview Edition)
एक जो हम हर दिन जी रहे हैं
दूसरी जो हम हर दिन जीना चाहते हैं”
― October Junction (Preview Edition)
“दुनिया में mute का बटन रिमोट में आने से बहुत पहले से हुआ करता था। सच को जब भी दुनिया के जिस भी हिस्से में बोला गया है किसी-न-किसी ने उसको mute करने की कोशिश की है, ये कोशिश कोई नयी नहीं है”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“किसी लड़के ने किसी लड़की को अपना सबकुछ मान लिया है ये इतना गुपचुप तरह से होता कि कई बार लड़की को पता ही नहीं चल पता कि कोई उसको इतना प्यार करता है कि पहलवान भाई की टपरी पर बैठने वाला कोई भी लड़का अब उसको प्यार नहीं कर सकता”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“किताब की अंडरलाइन अक्सर वो फुल स्टॉप होता है जो लिखने वाले ने पढ़ने वाले के लिए छोड़ दिया होता है। अंडरलाइन करते ही किताब पूरी हो जाती है।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“एक उम्र होती है जब क्लास की खिड़की से बाहर आसमान दूर कहीं जमीन से मिल रहा होता है और हमें लगता है कि शाम को खेलते-खेलते हम ये दूरी तय कर लेंगे। दूरी तय करते-करते जिस दिन हमें पता चलता है कि ये दूरी तय नहीं हो सकती, उसी दिन हम बड़े हो जाते हैं।”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“पहली हर चीज की बात हमेशा कुछ अलग होती है क्यूँकि पहला न हो तो दूसरा नहीं होता, दूसरा न हो तो तीसरा, इसीलिए पहला कदम ही जिंदगी भर रास्ते में मिलने वाली मंजिलें तय कर दिया करता है। पहली बार के बाद हम बस अपने आप को दोहराते हैं और हर बार दोहरने में बस वो पहली बार ढूँढ़ते हैं।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“हम सभी की पहली शादी यूँ ही कभी अकेले में हो जाती है। फालतू में ही हम बैंडबाजे वाली शादी को अपनी पहली शादी बोलते हैं”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“हमारे सब जवाब हमारे पास खुद हैं, ये बात समझने के लिए अपने हिस्से भर की दुनिया भटकनी पड़ती ही है। बिना भटके मिली हुई मंजिलें और जवाब दोनों ही नकली होते हैं। वैसे भी जिंदगी की मंजिल भटकना है कहीं पहुँचना नहीं।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“जो भी इंजीनियर एक दिन से ज़्यादा पढ़कर इम्तिहान दे वो इंजीनियर ही नकली है । जिसने भी अपने नोट्स बना के पढ़ाई की वो इंजीनियर भी नकली । लोग फालतू में ही doctors की हैंड-राइटिंग को कोसते रहते हैं । जिस इंजीनियर को सुबह का अपना लिखा हुआ शाम को समझ में आ जाए वो इंजीनियर भी नकली । इंजीन्यरिंग की असल बात यही है कि कॉलेज की लड़कियों के बनाए हुए नोट्स को एक रात में पढ़ लेना अगले दिन इम्तिहान में जाके उल्टी कर आना और एक दिन में जो भी पढ़ा था उसको इम्तिहान के 3 घंटे में लिखने के तुरंत बाद भूल जाना । अगर इससे ज्यादा टाइम तक आपको अपना पढ़ा हुआ याद रहता है तो बंदा हिंदुस्तान के किसी भी कोर्स के लिए तो फिट हो सकते हैं लेकिन इंजीन्यरिंग आपके लिए नहीं है”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“कहानियाँ कोई भी झूठ नहीं होतीं। या तो वो हो चुकी होती हैं या वो हो रही होती हैं या फिर वो होने वाली होती हैं।”
― मुसाफिर Cafe
― मुसाफिर Cafe
“ये जो and please be honest हैं न ये बार बार इसलिए बोला जाता है ताकि गलती से अगर बंदा बातों में आकार भूल गया है कि उसको सब सच बोलना है तो वो एक बार सोच ले और वही बोले जो इंटरव्यू crack करने के लिए ठीक हो । वरना ज़्यादा honest होने के जो भी फ़ायदे नुकसान हैं वो किसी से दुनिया में छुपे थोड़े हैं।”
― मसाला चाय
― मसाला चाय
“सवाल जो लंबे समय तक सवाल बने रहते हैं हम उनके एक-दो नकली जवाब सोच लेते हैं। जो सच नहीं होते लेकिन झूठ भी नहीं होते है। और सबसे अच्छी बात ये होती है कि इन नकली जवाबों के साथ जीना बहुत आसान हो जाता है। इसलिए शायद जो लोग सवाल के साथ घर से निकले वो कभी लौटे नहीं और जो लौटे उनके जवाब नकली थे”
― मसाला चाय
― मसाला चाय






