जब तुमने पढ़ लिया, मैंने उसे मिटा दिया।
मेरी चाहना का हासिल वे नोट्स तो होने ही चाहिए थे, जो तुम्हारे कभी न आने वाले जवाब के बारे होते। मेरी बेचैनी के बारे में होते। उन शामों और रातों के बारे में होते जब ऐसा लग रहा होता कि मैं तुम्हारे ख़याल से भरा कोई लम्हा जी रहा हूँ।* * *प्यार करने पर क्या मिलता है?
एक लम्बी प्रतीक्षा जो सही जा सके। एक बार देख लेने का एफर्ट जो कभी न लिया जा सके। मगर जो हो पाता है वह ये है कि एक डर मिलता है।
इस बात का डर कि इसका अंजाम भी वही होगा।
रेगिस्तानी क़स्बे की एक सड़क के पास गुलमोहर खड़ा था। उसे देखते हुए सोचा कि मैंने तुमको चाह कर ग़लत तो कुछ न किया। गुलमोहर को रेगिस्तान चाह सकता है तो मैं भी तुम्हें चाहने के लिए माफ़ कर दिया जाऊं। शायद।* * *
उदासी एक बर्फीला रेगिस्तान थी
समय रेल के डिब्बों की तरह गुज़रता था
चेरी ब्लॉसम भी किसी चीज़ का नाम भर था।
जब तक
नहीं देखा था तुम्हें मुस्कुराते हुए
सीधी लटों में नहीं खो गया मेरा दिल
तुम्हारी हंसी ने चुरा न लिया मुझे।
इसके बाद ये चेरी ब्लॉसम स्माइली
मेरी अंगुलियों पर चढ़ गयी
जैसे एक मौसम दिल तक उतर आता है।
और
मैं जानता हूँ, दिल कितना लालची है।
Published on October 21, 2019 01:33
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