Karan Thakur > Karan's Quotes

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  • #1
    श्रीलाल शुक्ल [Shrilal Shukla]
    “वर्तमान शिक्षा-पद्धति रास्ते में पड़ी हुई कुतिया है, जिसे कोई भी लात मार सकता है।”
    Shrilal Shukla

  • #2
    श्रीलाल शुक्ल [Shrilal Shukla]
    “लेक्चर का मज़ा तो तब है जब सुननेवाले भी समझें कि यह बकवास कर रहा है और बोलनेवाला भी समझे कि मैं बकवास कर रहा हूँ।”
    Shrilal Shukla, राग दरबारी

  • #3
    श्रीलाल शुक्ल [Shrilal Shukla]
    “जो खुद कम खाता है, दूसरों को ज़्यादा खिलाता है; खुद कम बोलता है, दूसरों को ज़्यादा बोलने देता है; वही खुद कम बेवकूफ़ बनता है, दूसरे को ज़्यादा बेवकूफ़ बनाता है।”
    Shrilal Shukla, राग दरबारी

  • #4
    Nikhil Sachan
    “अच्छा! ठीक तो फिर मैं एक कविता सुनाता हूँ। अगर तुम कविता सुनते हुए हँस दिए तो सात दिन लगातार नहाना पड़ेगा। बोलो मंजूर”, मैंने शरारत से कहा।

    “कविता सुन के कौन हँसता है। बंडल-बोर होती है कविता”, वह बोला।
    “ठीक है फिर सुनो। बच्चू”, मैंने कहा।
    “हल्लम हल्लम हौदा, हाथी चल्लम चल्लम
    हम बैठे हाथी पर, हाथी हल्लम हल्लम
    लंबी लंबी सूँड़ फटाफट फट्‌टर फट्‌टर
    लंबे लंबे दाँत खटाखट खट्‌टर खट्‌टर
    भारी भारी मूँड़ मटकता झम्मम झम्मम
    हल्लम हल्लम हौदा, हाथी चल्लम चल्लम
    पर्वत जैसी देह थुलथुली थल्लल थल्लल
    हालर हालर देह हिले जब हाथी चल्लल।”
    Nikhil Sachan, UP 65

  • #5
    “जिंदगी आदमी को दौड़ने के लिए कई रास्ते देती है, जरूरी नहीं है कि सब एक ही रास्ते दौड़ें। जरूरत है कि कोई एक रास्ता चुन लो और उस ट्रैक पर दौड़ पड़ो। रुको नहीं...दौड़ते रहो। क्या पता तुम किस दौड़ के डार्क हॉर्स साबित हो जाओ।”
    Nilotpal Mrinal, Dark Horse । डार्क हॉर्स (21वीं सदी की हिंदी की सर्वाधिक चर्चित किताब)



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