ग द न Quotes

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Munshi Premchand
“बूढ़ों के लिए अतीत के सुखों, वर्तमान के दुःखों और भविष्य के सर्वनाश से ज्यादा मनोरंजक और कोई प्रसंग नहीं होता।”
Munshi Premchand, गोदान [Godaan]

“होरी परास्त हो गया। उसे ज्ञात हुआ, स्त्री के सामने पुरुष कितना निर्बल, कितना निरुपाय है।”
Munshi Premchand (मुंशी प्रेमचन्द)