“भूलने को सोचा उन्हें पर भूल कहा पा रहे है,
हवाओं में उनकी खुशबू फैली हुई है,
अब क्या सांस लेना छोड़ दे ।।”
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हवाओं में उनकी खुशबू फैली हुई है,
अब क्या सांस लेना छोड़ दे ।।”
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“सोच के की गई मोहब्बत-मोहब्बत नहीं होती,
और तुम मोहब्बत में उसके सिवा किसी को सोच सको तो ऐसे ही मोहब्बत नहीं होती ।।”
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और तुम मोहब्बत में उसके सिवा किसी को सोच सको तो ऐसे ही मोहब्बत नहीं होती ।।”
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Soul’s 2025 Year in Books
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