Status Updates From Usi Lamhe Ki Khatir (Hindi ...
Usi Lamhe Ki Khatir (Hindi Edition) by
Status Updates Showing 1-13 of 13
Madhu
is on page 61 of 85
हसीं नज़र उठाकर, चाहे फिर गिरा लेना
दिल शर्म-ओ- हया को निहारना चाहता है
— Aug 17, 2025 10:36AM
Add a comment
दिल शर्म-ओ- हया को निहारना चाहता है
Madhu
is on page 58 of 85
अभी तो रौशन ही हुआ था, चराग़ ए मोहब्बत
रक़ीब-ए-इश्क़ ने तूफ़ाँ को पता बता दिया
— Aug 17, 2025 10:30AM
Add a comment
रक़ीब-ए-इश्क़ ने तूफ़ाँ को पता बता दिया
Madhu
is on page 41 of 85
मेरी वफ़ा को न दे सके, कोई कभी इल्ज़ाम
तेरे ख़्याल ओ ख़्वाब को लेकर सो जाते हैं
— Aug 17, 2025 10:10AM
Add a comment
तेरे ख़्याल ओ ख़्वाब को लेकर सो जाते हैं
Madhu
is on page 37 of 85
अगर ख़ूबसूरती है, तो, देखना वाजिब है
गुनाह तो फ़क़त अंदाज़-ए-निगाह का है
— Aug 17, 2025 10:04AM
Add a comment
गुनाह तो फ़क़त अंदाज़-ए-निगाह का है
Madhu
is on page 35 of 85
इश्क़ बहुत ही दिलचस्प खेल है, जनाब
जो जीतता है, दरअस्ल वही हारता है
— Aug 17, 2025 10:00AM
Add a comment
जो जीतता है, दरअस्ल वही हारता है
Madhu
is on page 33 of 85
इसको, उसको, समझने में, क्यों होते, बेताब
हम तो ख़ुद को समझने में, उलझे बहुत जनाब
— Aug 17, 2025 09:42AM
Add a comment
हम तो ख़ुद को समझने में, उलझे बहुत जनाब
Madhu
is on page 29 of 85
प्यार की जब हद न रह जाए तो इश्क़ होता है
कम या ज़्यादा क्या, इश्क़ बस इश्क़ होता है
— Aug 17, 2025 09:37AM
Add a comment
कम या ज़्यादा क्या, इश्क़ बस इश्क़ होता है
Madhu
is on page 23 of 85
ज़रूरी नहीं कि हादसों से ही सीखा जाय
परवरदिगार ने बख़्शा है, दिमाग़ भी हमें
— Aug 17, 2025 09:31AM
Add a comment
परवरदिगार ने बख़्शा है, दिमाग़ भी हमें
Madhu
is on page 18 of 85
अगर ख़ूबसूरती है, तो, देखना वाजिब है
गुनाह तो फ़क़त, अंदाज़-ए-निगाह का है
— Aug 17, 2025 09:09AM
Add a comment
गुनाह तो फ़क़त, अंदाज़-ए-निगाह का है
Madhu
is on page 14 of 85
मुझे जुनूने इश्क़ था, उसे था हुस्न का नशा
हमारी दास्तां के दरमियाँ, बहुत बड़ा था फ़ासला
— Aug 17, 2025 08:58AM
Add a comment
हमारी दास्तां के दरमियाँ, बहुत बड़ा था फ़ासला
Madhu
is on page 12 of 85
दुआ दोनों ही करते हैं, हिंदू हों या मुसलमां
फ़र्क़ है फ़क़त, जुड़ी और खुली हथेलियाँ
— Aug 17, 2025 07:41AM
Add a comment
फ़र्क़ है फ़क़त, जुड़ी और खुली हथेलियाँ
Madhu
is on page 10 of 85
इश्क़ में गिले-शिकवे भी जायज़ हैं,‘स्वदेश’
ख़ुदापरस्त भी, ख़ुदा से ही शिकायत करते हैं
— Aug 05, 2025 09:26PM
Add a comment
ख़ुदापरस्त भी, ख़ुदा से ही शिकायत करते हैं
Madhu
is on page 8 of 85
अजब सिलसिला है, ज़िन्दगी की किताब का
किसी को नहीं पता, अगले सफ़ह पर क्या लिखा
There is a strange sequence in the book of life, no one knows what is written on the next page
— Aug 05, 2025 09:04PM
Add a comment
किसी को नहीं पता, अगले सफ़ह पर क्या लिखा
There is a strange sequence in the book of life, no one knows what is written on the next page
