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पूरे चाँद की रात Quotes
पूरे चाँद की रात
by
सुरेन्द्र मोहन पाठक51 ratings, 3.96 average rating, 1 review
पूरे चाँद की रात Quotes
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“कोई अनुष्ठान, कोई यज्ञ, कोई जप-तप प्रारब्ध को नहीं बदल सकता। फेट इज इनएवीटेबल। नियति अटल है।”
― पूरे चाँद की रात
― पूरे चाँद की रात
“कुत्ते और आदमी में बुनियादी फर्क ये है कि तुम किसी भूखे कुत्ते के लिये दयाभाव दिखाओ और उसे रोटी खिला कर मरने से बचाओ तो वो तुम्हें कभी नहीं काटता।”
― पूरे चाँद की रात
― पूरे चाँद की रात
