कोलाबा कांस्पीरेसी Quotes

Rate this book
Clear rating
कोलाबा कांस्पीरेसी कोलाबा कांस्पीरेसी by सुरेन्द्र मोहन पाठक
212 ratings, 3.79 average rating, 15 reviews
कोलाबा कांस्पीरेसी Quotes Showing 1-3 of 3
“सफलतायें दोस्त बनाती है, विफलतायें उन्हें आजमाती है।”
Surender Mohan Pathak, कोलाबा कांस्पीरेसी
“कोई दुश्वारी आन खड़ी होती है तो समझ आसमानी बाप इम्तहान लेता है. कोई प्रॉब्लम फॉरएवर नहीं होता.”
Surender Mohan Pathak, कोलाबा कांस्पीरेसी
“लाख जौहर हों आदमी में, आदमियत नहीं तो कुछ भी नहीं।”
Surender Mohan Pathak, कोलाबा कांस्पीरेसी