मैं क्या कहता उसको?



तुम ख़ुशी की तलाश में एक खंडहर के सामने खड़े हो. 
हालाँकि मुझे तुम्हारे लिए ख़ुशी है. कि एक रोज़ तुम बीती ज़िंदगी को जानोगे. गुज़रे वक़्त के निशान पढना सीखोगे. समझोगे कि परमानन्द किसी साबुत चीज़ में नहीं है.
बीज का परमानन्द मिट्टी, पानी और हवा के साथ मिलकर फूट जाने में हैं. शाखों का परमानन्द हरा रंग छोड़कर भूरे हो जाने में हैं. एक बेहद बूढ़े पेड़ का परमानन्द आँख मूंदकर ठूंठ हो जाने में है. इसी तरह हर एक जो ज़िन्दा है. उसका परमानन्द अपनी गति को पा जाने में है.
प्रेम की भव्यता अधूरे होने में है और परमानंद नष्ट होकर बिखर जाने में. * * *
मैंने कहा- "अब जो भी लिखता हूँ बड़ा सतही और ग़ैर ज़रूरी सा लगता है." उस लड़की ने बहुत दिनों से रफ ड्राइव न किया था. सिगरेट बहुत रोज़ पीछे कभी पी थी. व्हिस्की के बारे में उसने कुछ बताया था मगर मुझे याद न रहा. उसने मेरी इस बात पर कहा- "केसी शराब को मेच्योर होने में वक़्त लगता है. आपने जो कुछ सात-आठ साल पहले लिखा है. वह आपको पसंद है. लेकिन यकीन जानो कि आज जो लिख रहे हो. वह सात आठ साल बाद वैसा ही अच्छा लगने लगेगा."
शाम की हवा गुम थी.

शायद बरसातें होने लगें. मैं आसमान में बादलों के फाहों को देखने लगा. उसकी आवाज़ फिर से आई- "मैं शायद उससे बात करना छोड़ दूँ" मैंने पूछा- "क्यों?" उसने कहा- "अब बार-बार प्रेम में पड़ने की हिम्मत नहीं रही. वही करीब होने का सोचना, मेल्स लिखते जाना, घबराये हुए रहना, सब कामों को भूल जाना. ये सब अब न हो पायेगा." मैंने कहा- "तुम भी थक जाओगी तो.." वह बोली- "तो.." जरा सा चुप रहा और फिर धीरे से कहा- "कुछ नहीं. अच्छा सुनो. क्या तुम्हें इस बात का एतबार होगा कि मैंने अपना एक बेकार सा सपना लिखकर एक लड़की को भेज दिया."
छत तक गली में हंस रहे बच्चों की आवाज़ आई.
मैंने नीचे झांककर देखा. वे दोनों बच्चे हंसी के जाल में फंस गए थे. एक दूजे को देखते और हंसने लगते. एक बूढ़ा आदमी इस हंसी से बेख़बर चारपाई पर बैठा था.
उसने पूछा- "फिर क्या जवाब आया?"
मैं क्या कहता उसको? * * *
सपनों के बारे में मुझे बस इतना पता है कि वे उसे बाँहों में भर लेने जैसे होते हैं. जिनके बारे में ठीक-ठीक नहीं समझा जा सकता कि ये सब क्या है? ठीक-ठीक किसी को कहा नहीं जा सकता कि क्या होगा. * * *
वह जो तुम्हारे पास इक ठहरी हुई निगाह थी न. वह अच्छी थी, केसी. * * *
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Published on July 05, 2017 08:32
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Kishore Chaudhary
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