और बालकनी धुएं से भर गई होती

वही इक रात का सौदा वही बरसों का वीराना। * * *

अंगुलियां एक अक्षर लिखती हैऔर दिल दो-दो बार धड़कता है।यही इक बात है जिस पर, अभी तक प्यार आता है।* * *सोचता था किबड़ी कीमती शै है ज़िन्दगी।मगर क्या मालूम थाकि कुछ पी लेंगे, उसको चूम लेंगे बस यही सोचते हुए मर जाएंगे।* * *अब तक बना लिया होता दूसरा पेगऔर बालकनी धुएं से भर गई होती।अब तकइनबॉक्स में ये लिखकर मिटा भी दिया होता कि तुम्हारी याद आती है।* * *
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Published on June 06, 2021 03:30
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Kishore Chaudhary's Blog

Kishore Chaudhary
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