जनाब कलकत्ता गए तो खिलाड़ी बनना पड़ता है अनाड़ी जो बनाया आपने खेल में, पानपत्ता खाए तो अनाड़ी बनना पड़ता है खिलाड़ी जो जमाया सपने सेल में, इतने में बाज़ी उल्टा तो चेहरा देख लो फटी नहीं है अपनी पत्ती तीन में, राज़ी कुल्टा तो मोहरा छेंक लो कटी नहीं है अपनी दम्पत्ती बीन में।
Published on November 21, 2021 05:41