तेरे बाद की रह जाणा

मौसम ऐसा है कि कमरे अंदर ठंडे और बाहर गरम। प्लास्टिक के सफ़ेद छोटे कप चाय से भरे हुए। नया हारमोनियम।। जमील बाजा के बारे में कुछ और बताते हुए गुनगुनाना शुरू करते हैं। तेरे बाद की रह जाणा... मैं कहता हूँ गाते जाइए। जमील मुस्कुराते हुए स्वरपटल पर अंगुलियां रखे हुए अपनी आँखें मेरी आँखों में उलझा देते हैं। मैं डूबता जाता हूँ। सचमुच तुम्हारे बाद जीवन में क्या बचा रह जायेगा। उदासी, तन्हाई और बेकसी। आकाशवाणी के विजिटर रूम में ढोलक की हलकी थाप से सजी संगत और सिंधी-पंजाबी के मिले जुले मिसरों का मुखड़ा, गहरी टीस से भरता रहता है। 
जमील अपने कुर्ते के कॉलर ठीक कर एक लम्बे सूती अजरक प्रिंट के अंगोछे को गले में डाल कर बिना सहारा लिए आँगन पर बैठे हैं। ग़फ़ूर सोफे पर बैठे हैं। मैं अधलेटा सोफे का सहारा लिए सामने खिड़की की ग्रिल पर पाँव रखे हुए। मैं कहता हूँ ये हारमोनियम कितने का आया? ग़फ़ूर कहते हैं कल ही अट्ठारह हज़ार में लिया। मैंने पूछा कलकत्ता का है? बोले- नहीं! पंजाब की बॉडी है और सुर... मैं कहीं खो गया कि ये न सुन पाया सुर कहाँ के हैं। मेरा मन उकस रहा था कि कहूँ कोई बिछोड़ा सुना दो। ऐसा विरह गीत की आँख भर आये। 
सिगरेट का धुंआ, सुरों की गमक फिर भी आबाद खालीपन। 
वे कलाकार अपने साज़ कसते रहते हैं। थाप लगाकर देखते हैं। मैं थके कदम बाहर आ जाता हूँ। एक कमायचा बजाने वाला नहीं आया है। उसका इंतज़ार है। स्टूडियो बिल्डिंग के साये में खड़े हुए देखता हूँ बड़ी भूरी चिड़ियां अपने साथ की चिड़िया को कुछ कह रही है। जाने क्या? मुझे लगा कि वो दो ही बातें समझा रही है। पहली बात बुद्ध की- ये संसार दुखों की खान है। दूसरी बात-सन्यास सुख का पड़ोसी है। अगली चिड़िया शायद कोई शंका रखती थी तो उसने कुछ पुछा। बड़ी भूरी चिड़िया ने अपने परों को फैलाया और कहा चलो। वे मेरे पास से उड़कर नीम पर चली गयी। 
मुझे साँस नहीं आ रही। कनपटी से पसीना आ रहा है। मैं उसे बिना छुए गरदन के रास्ते नीचे उतरने देता हूँ। मालूम है क्यों? इसलिए कि मेरे दिमाग में एक सी सा झूला है। नष्टोमोह की कामना है और कुछ नहीं जाने देने का वादा भी है। मैन गेट के पास से वॉयलिन कवर पीठ पर लटकाये हुए एक आर्टिस्ट आता है। मैं स्टील के पाइप से सहारा हटाकर अंदर की ओर चल देता हूँ। साफ पानी की मशीन के पास खड़ा होकर एक पन्नी से छोटी नीली गोली निकालता हूँ और गटक जाता हूँ। दुनिया के उस पहले आदमी या औरत के नाम जो पहली बार किसी को छोड़कर गया था।
बाजे की बॉडी तो पंजाब की है पर सुर कहाँ के हैं?
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Published on October 19, 2015 20:02
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Kishore Chaudhary
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