“आज इतने बरसों बाद जब अपनी ज़िंदगी को देखता हूँ तो लग़ता है कि पहाड़ों से झरने की तरह उतरती, चटानों से टकराती, पत्थरों में अपना रास्ता ढूँढती, उमड़ती, बलखाती, अनगिनत भँवर बनाती, तेज़ चलती और अपने ही किनारों को काटती हुई ये नदी अब मैदानों में आकर शांत और गहरी हो गई”
― Tarkash
― Tarkash
“Languages are like games. You learn the rules for one, and they all work the same way. Like Women."
~ Nagasawa”
― Norwegian Wood
~ Nagasawa”
― Norwegian Wood
“मैं अकसर सोचता हूँ कि मुझमें कौन से लाल टँके हैं औऱ जगदीश में ऐसी क्या ख़राबी थी। ये भी तो हो सकता था कि तीन दिन बाद जगदीश के किसी दोस्त ने उसे बांदरा बुला लिया होता और मैं पीछे उन गुफाओं में रह जाता। कभी-कभी सब इत्तिफ़ाक़ लगता है। हम लोग किस बात पर घमंड करते हैं)।”
― Tarkash
― Tarkash
“सब हवाएँ ले गया मेरे समंदर की कोई और मुझको एक कश्ती बादबानी1 दे गया”
― Tarkash
― Tarkash
“आज इतने बरसों बाद जब अपनी ज़िंदगी को देखता हूँ तो लग़ता है कि पहाड़ों से झरने की तरह उतरती, चटानों से टकराती, पत्थरों में अपना रास्ता ढूँढती, उमड़ती, बलखाती, अनगिनत भँवर बनाती, तेज़ चलती और अपने ही किनारों को काटती हुई ये नदी अब मैदानों में आकर शांत और गहरी हो गई है।”
― Tarkash
― Tarkash
मेराकी || Meraki
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