Nikhat Sultana
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“मुझे शुरू से कार ड्राइव करने वाली और गाली देने वाली लड़कियाँ बहुत पसंद थीं। ऐसा लगता था कि कम-से-कम ये तो कुछ भी सहती नहीं होंगी सब अपनी मर्जी से करती होंगी”
― Terms and Conditions Apply
― Terms and Conditions Apply
“If you can't understand it without an explanation, you can't understand it with an explanation.”
― 1Q84
― 1Q84
“I can bear any pain as long as it has meaning.”
― 1Q84
― 1Q84
“प्रोफेसर के लेक्चर डीकोड करना, मुलायम सिंह यादव के भाषण को डीकोड करने से कहीं अधिक जटिल हो रहा था।”
― UP 65 / यूपी 65 (इसपर आधारित इसी नाम से JioCinema पर एक वेबसीरीज़ रिलीज़ हुई है)
― UP 65 / यूपी 65 (इसपर आधारित इसी नाम से JioCinema पर एक वेबसीरीज़ रिलीज़ हुई है)
“अच्छा! ठीक तो फिर मैं एक कविता सुनाता हूँ। अगर तुम कविता सुनते हुए हँस दिए तो सात दिन लगातार नहाना पड़ेगा। बोलो मंजूर”, मैंने शरारत से कहा।
“कविता सुन के कौन हँसता है। बंडल-बोर होती है कविता”, वह बोला।
“ठीक है फिर सुनो। बच्चू”, मैंने कहा।
“हल्लम हल्लम हौदा, हाथी चल्लम चल्लम
हम बैठे हाथी पर, हाथी हल्लम हल्लम
लंबी लंबी सूँड़ फटाफट फट्टर फट्टर
लंबे लंबे दाँत खटाखट खट्टर खट्टर
भारी भारी मूँड़ मटकता झम्मम झम्मम
हल्लम हल्लम हौदा, हाथी चल्लम चल्लम
पर्वत जैसी देह थुलथुली थल्लल थल्लल
हालर हालर देह हिले जब हाथी चल्लल।”
― UP 65
“कविता सुन के कौन हँसता है। बंडल-बोर होती है कविता”, वह बोला।
“ठीक है फिर सुनो। बच्चू”, मैंने कहा।
“हल्लम हल्लम हौदा, हाथी चल्लम चल्लम
हम बैठे हाथी पर, हाथी हल्लम हल्लम
लंबी लंबी सूँड़ फटाफट फट्टर फट्टर
लंबे लंबे दाँत खटाखट खट्टर खट्टर
भारी भारी मूँड़ मटकता झम्मम झम्मम
हल्लम हल्लम हौदा, हाथी चल्लम चल्लम
पर्वत जैसी देह थुलथुली थल्लल थल्लल
हालर हालर देह हिले जब हाथी चल्लल।”
― UP 65
Nikhat’s 2025 Year in Books
Take a look at Nikhat’s Year in Books, including some fun facts about their reading.
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